यूपी में नगर निकाय चुनाव का काउंटडाउन शुरू....निकाय चुनाव में नहीं दिखेगी अखिलेश-राहुल की दोस्ती

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो गया है। चुनाव के लिए निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्यक्रम की अधिसूचना मंगलवार को जारी कर दी गई। विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच बना गठबंधन दरकता नजर आ रहा है। ‘यूपी को ये साथ पसंद है’ का नारा देने वाले अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी यूपी निकाय चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ खड़े दिखाई दे सकते हैं, क्योंकि कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कि निकाय चुनावों में पार्टी अकेले ही मैदान में उतरेगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने कार्यक्रम जारी करते हुए बताया कि 11 सितम्बर से 3 अक्टूबर तक घर-घर गणना होगी। 11 से 25 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन दिए जा सकेंगे। ये आवेदन मिलने के बाद 26 सितम्बर से 3 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन पत्रों की जांच की जाएगी, इसके बाद 4 से 8 अक्टूबर ड्राफ्ट तैयार होगा। 9 अक्टूबर को ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 9 से 15 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा, जिसके बाद फाइनल निर्वाचक नियमावली का प्रकाश 18 अक्टूबर को किया जाएगा।
ज्ञात हो कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले दिनों यूपी में नगर निकाय चुनाव नवम्बर के आखिरी हफ्ते तक संपन्न कराने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने प्रदेश के महाधिवक्ता राघवेन्द्र सिंह के अन्डरटेकिंग के आधार पर राज्य सरकार को 25 अक्टूबर 2017 तक परिसीमन, रैपिड सर्वे, रिजर्वेशन और मतदाता सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग के स्थानीय पंच को अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी करने व नवम्बर के आखिरी हफ्ते तक पूरे प्रदेश में निकाय चुनाव संपन्न कराने का आदेश दिया है। उक्त चुनाव के बारे मंे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर ने साफ कर दिया कि आगामी नगर निकाय चुनाव पार्टी अकेले ही लड़ेगी। उन्होंने कहा यह चुनाव विचारधारा का नहीं, व्यक्तिगत है। निकाय चुनाव पार्टी कार्यकर्ता लड़ते हैं। यदि इसमें गठबंधन किया जाएगा तो निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं को निराशा होगी और इसमें गठबंधन को कोई भी नहीं मानेगा। इतना ही नहीं कांग्रेस ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भी तस्वीर साफ नहीं है।