आसाराम का एक और पाप आया सामने, राजधानी लखनऊ में 10 हजार वर्ग फीट जमीन कब्जाई

लखनऊः साध्वी से यौनाचार के एक मामले में जेल की सजा काट रहे आसाराम भले ही खुद को गधा मानते हो लेकिन उनके कर्म गधों जैसे नहीं है। उनके कर्म शातिर अपराधियों जैसे है। सन्यासी का चोला ओढ़कर गलत काम करते रहे। गुरुवार को यौनाचार के एक मामले में जोधपुर के कोर्ट में पेशी पर आए आसाराम से जब अखाड़ा परिषद द्वारा उन्हें फर्जी संत करार देने पर सवाल किया गया तो झल्लाकर उन्होंने कहा कि वे तो गधों की श्रेणी में आते हैं। 

अलीनगर के खसरा संख्या 1138 पर आसाराम का कब्जा

-आज उनके एक और गलत काम का खुलासा हो गया। लखनऊ नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार आसाराम ने अलीनगर सुनहर में करीब दस हजार वर्ग फीट जमीन पर कब्जा कर वहां आश्रम बना दिया।

-अलीनगर के खसरा संख्या 1138 पर आसाराम का आश्रम बना हुआ है। इस जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा किया हुआ है। लखनऊ नगर निगम के अनुसार, राजधानी के करीब 124 गांवों में 8 हजार लोगों ने जमीनें कब्जा कर रखी है। 

बिल्डरों ने भी कर रखा है कब्जा, कर दी प्लाटिंग

-आसाराम के अलावा आशियाना में खसरा संख्या 1713 पर कब्जा कर उसमें प्लाटिंग कर दी गई है। 4 बीघा जमीन पर ओमेक्स बिल्डर ने गोशाला का बोर्ड लगा दिया है, जबकि यह जमीन अभी भी नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आती है। ओमेक्स बिल्डर ने बाहर तो गोशाला का बोर्ड लगा दिया है लेकिन अंदर जमीन पर प्लॉटिंग की जा रही है।

-इसी तरह करीब 2 करोड़ की जमीन रोहताश बिल्डर ने कब्जा जमा रखा है। पिकैडली के बरिगवां में रोहताश बिल्डर ने यह कब्जा किया है। नगर निगम की ओर से बताया गया कि जल्द ही इन जमीनों के खाली कराने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। 
-एक अनुमान के तहत करीब हेक्टेयर जमीन पर कब्जा है। अब नगर निगम के लिए इन जमीनों को मुक्त कराना एक चुनौती है।